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कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की à¤à¤• आम शिकायत है। यह दरà¥à¤¦ काफी तेज या हलà¥à¤•ा हो सकता है, जो कि धीरे-धीरे या फिर अचानक से शà¥à¤°à¥ हो सकता है। कà¥à¤› महिलाओं को कूलà¥à¤¹à¥‡ के पीछे या साइड में दरà¥à¤¦ होता है, वहीं कà¥à¤› में यह दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ करधनी (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• गरà¥à¤¡à¤²) कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° तक पहà¥à¤‚च जाता है।
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि दरà¥à¤¦ के बहà¥à¤¤ से अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जो कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सामानà¥à¤¯ बदलावों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं, जैसे कि:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान आपका शरीर रिलेकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है। यह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ वही करता है जो इसके नाम से पता चलता है: यह आपके असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों को रिलैकà¥à¤¸ (शिथिल) करता है। असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध वे सखà¥à¤¤ उतà¥à¤¤à¤• होते हैं जो आपके जोड़ों को सहारा देते हैं। शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शिथिल असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध होने की वजह से ही शिशॠके लिठजनà¥à¤® ले पाना आसान हो पाता है।
वजन वृदà¥à¤§à¤¿à¥¤ गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके बढ़ते वजन का मतलब है कि आपकी मांसपेशियों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत करनी पड़ती है और आपके जोड़ों पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव पड़ता है। इससे आपकी पीठऔर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ की रकà¥à¤¤ वाहिकाओं और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव पड़ता है।
बदलती अवसà¥à¤¥à¤¾à¥¤ गरà¥à¤ में शिशॠके बढ़ने के साथ-साथ आपकी अवसà¥à¤¥à¤¾ और चलने के तरीके में सà¥à¤µà¤¤: बदलाव आ जाता है। जैसे-जैसे आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ता है, इसका गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µ केंदà¥à¤° à¤à¥€ बदल जाता है और इससे आपके पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होता है और ये कमजोर à¤à¥€ हो जाती है। इससे आपकी अवसà¥à¤¥à¤¾ पर असर पड़ता है और आपकी पीठपर दबाव बढ़ता है।
आपको जिस तरह का दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है वह इन सà¤à¥€ बदलावों का ही परिणाम है। इसे शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ करधनी दरà¥à¤¦ (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• गरà¥à¤¡à¤² पेन-पीजीपी) कहा जाता है और यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बहà¥à¤¤ आम है। पीजीपी से केवल आपके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ नहीं होता, बलà¥à¤•ि आपको पीठ, ऊसंधि और टांगों में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है।
हालांकि, आपको इस दरà¥à¤¦ को सामानà¥à¤¯ समà¤à¤•र सहने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। यदि आपको किसी à¤à¥€ तरह का दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा हो, तो जरà¥à¤°à¥€ है कि आप इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी जांच करेंगी और शायद कà¥à¤› मूवमेंट जांचें करेंगी जिससे पता चल सके कि दरà¥à¤¦ कहां पर हो रहा है। वे यह à¤à¥€ जानना चाहेंगी कि आपका दरà¥à¤¦ कहीं किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से तो नहीं है और वे राहत के लिठउपचार बताà¤à¤‚गी।
आपको अपने कà¥à¤› काम करने का तरीका बदलना होगा, ताकि आपके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव न पड़े। इसका मतलब है कि जो काम जो आप समाानà¥à¤¯à¤¤: खड़ी होकर करती थीं, वे अब बैठकर करना, जैसे कि कपड़े पहनना या कपड़े पà¥à¤°à¥‡à¤¸ करना।
जितना हो सके आप कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रहें, मगर दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ काम पर न लगी रहें। यदि आपसे काम न हो पा रहा हो, तो इसे छोड़कर आराम करें। आप शायद पाà¤à¤‚गी कि यदि दिनà¤à¤° आपके लिठकाफी वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहा तो दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है।
आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं, जैसे कि टहलना और पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² योग फायदेमंद हैं। योगासन हमेशा पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¤ पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² योग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में करें। आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चरण को देखते हà¥à¤ कà¥à¤› आसनों में बदलाव करने पड़ सकते हैं। साथ ही, कà¥à¤› आसन कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ के लिठसही नहीं होते और इनसे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बिगड़ सकती है। à¤à¤¸à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ न करें, जिसमें कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ या रीढ़ की बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गतिविधि हो।
करवट लेकर सोà¤à¤‚, टांगों को मोड़ कर रखें और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच तकिया लगाà¤à¤‚, जिससे आपकी पूरी टांगों को सहारा मिले। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ से आपके शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के आसपास के सà¤à¥€ जोड़ों को आधार मिलेगा। करवट लेकर सोना आपके और गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠदोनों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है।
अपने गदà¥à¤¦à¥‡ के ऊपर, चादर के नीचे मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® फोम बिछा लें, ताकि आपके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर दबाव कम हो सके। अगर इससे मदद न मिले, तो आप तकिये और कà¥à¤¶à¤¨ से अलग-अलग अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ आजमा सकती हैं और देखें कि कौन सी आपके लिठसबसे आरामेह है। कूलà¥à¤¹à¥‡ के जोड़ के ऊपर या नीचे रजाई तय करके या मोटा तौलिया रखें, जिससे à¤à¥€ आपको दरà¥à¤¦ में आराम मिले। अपने पेट के नीचे à¤à¥€ à¤à¤• तकिया लगा लें, ताकि आप आगे की तरफ न लà¥à¤¢à¤¼à¤•ें।
अगर आपको शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो बिसà¥à¤¤à¤° से उठने में à¤à¥€ आपको काफी असहजता हो सकती है। हमारे सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ में देखें कि बिसà¥à¤¤à¤° से उठने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है, जिससे आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ का बचाव हो सके।
कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर गरà¥à¤® सिकाई करने से à¤à¥€ आपको दरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है। गरà¥à¤® पानी से​ सिकाई करने वाली बोतल में गरà¥à¤® पानी à¤à¤°à¥‡à¤‚, ना कि उबलता हà¥à¤† पानी। इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से पहले बोतल को तौलिये या नरम कपड़े से ढक दें। अगर आप हीटिंग पैड का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहें, तो पहले सबसे कम तापमान सेटिंग से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें, और धीरे-धीरे तापमान बढ़ाà¤à¤‚।
मालिश करवाà¤à¤‚। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ थैरेपिसà¥à¤Ÿ से मालिश करवाने से आपको राहत व आराम मिल सकता है।
आरामदेह जूते पहनें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि जूतों में अचà¥à¤›à¤¾ आरà¥à¤š सपोरà¥à¤Ÿ हो। अपनी ऊंची à¤à¤¡à¤¼à¥€ के फà¥à¤Ÿà¤µà¤¿à¤¯à¤° पहनना अब बंद कर दें। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे-जैसे आपका पेट बढ़ता है और आपका संतà¥à¤²à¤¤ बदलता है, तो ऊंची à¤à¤¡à¤¼à¥€ के फà¥à¤Ÿà¤µà¤¿à¤¯à¤° से आपकी अवसà¥à¤¥à¤¾ और बिगड़ेगी और आपके गिरने या लड़खड़ाने का खतरा बढ़ जाता है।
à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤•लाप न करें जिनसे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ और बढ़ जाà¤à¥¤ जोड़ों पर दबाव कम करने के लिठकà¥à¤› समय बरà¥à¤¥ बॉल पर या अपने हाथों व घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल रहने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। इससे आपके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर से वजन हट जाता है।
पालथी मारकर बैठने की कोशिश न करें। जब आप आराम कर रही हों या टीवी देख रही हों, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤•दम सीधी बैठी हों। à¤à¤• छोटा मोड़ा हà¥à¤† कà¥à¤¶à¤¨ या तौलिया सहारे के लिठपीठमें नीचे की तरफ लगा लें।
बेहतर है कि आप à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन वाली चीजों को उठाà¤à¤‚ या खिसकाठनहीं। कोई चीज उठाने के लिठजोड़ों पर दबाव पड़ने से पीठऔर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
हमेशा अपने शरीर के संकेतों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें, और à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› न करें जिससे आपको दरà¥à¤¦ हो। à¤à¤¸à¥‡ चेतावनी संकेतों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें जो बताते हों ​कि आप कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कर रही हैं या समसà¥à¤¯à¤¾ पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाने की जरà¥à¤°à¤¤ है। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚:
आपको चलने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही है।
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ की तरफ से आप वजन नहीं ले पा रही हैं।
दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ तेज है या अचानक से उठता है और साथ में à¤à¤‚ठन या रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¥€ है।
अगर जरà¥à¤°à¤¤ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ को दिखाने की सलाह à¤à¥€ दे सकती हैं। वे आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखते हà¥à¤ आपके लिठसही उपचार बता सकते हैं।
वे आपको पेट को सहारा देने वाली बेलà¥à¤Ÿ पहनने की सलाह à¤à¥€ दे सकती हैं। वे आपकी मालिश करना या हलà¥à¤•े से हडà¥à¤¡à¥€ बिठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ कर सकती हैं। वे आपको घर पर ही कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के बारे में बता सकती हैं, जिससे मांसपेशियों को मजबूती मिलेगी और आपका शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहेगा। कà¥à¤› मामलों में कई महिलाओं को सहारा लेकर चलने की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ती है। फिजियोथैरेपिसà¥à¤Ÿ आपको कोहनी वाली बैसाखी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के लिठकह सकती हैं, ताकि कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ से दबाव हट सके।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किस कारण से पीठऔर कमर दरà¥à¤¦ होता है?
आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और जोड़ असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध (लिगामेंट) नामक सखà¥à¤¤ उतà¥à¤¤à¤•ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ आपके असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों को शिथिल बना देता है। 10 से 14 हफà¥à¤¤à¥‡ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बीच रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ अपने उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° पर होता है।
यदि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही पीठदरà¥à¤¦ हो रहा है, तो इसकी वजह रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ हो सकता है। पहली तिमाही में पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना आम है।
जैसे-जैसे आप दूसरी और ती​सरी तिमाही में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं, आपके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका वजन और बढ़ता हà¥à¤† पेट असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों और मांसपेशियों पर और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव डालते हैं।
आपके पेट की मांसपेशियों में à¤à¥€ खिंचाव होने लगता है। जिसकी वजह से अब वे पहले की तरह मजबूती से आपका वजन वहन नहीं कर सकेंगी। इससे अब आपके पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव पड़ता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपके गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µ के केंदà¥à¤° में à¤à¥€ बदलाव आता है और इस वजह से अवसà¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ बदलती है। इसकी वजह से à¤à¥€ कमर में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
यदि आपका वजन सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है या फिर आप नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करती हैं, तो आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है।
विटामिन डी की बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमी होने पर à¤à¥€ कमर दरà¥à¤¦ हो सकता है।
यदि आपको पहले à¤à¥€ पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में या शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ रहा है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• शारीरिक मेहनत वाले काम करने से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठदरà¥à¤¦ के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
आपको शायद उस जगह ही दरà¥à¤¦ महसूस होगा जहां आपकी पीठका निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ और शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप इसे पीठदरà¥à¤¦ की बजाय शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में होने वाला दरà¥à¤¦ à¤à¥€ मान सकती हैं। इसलिठइस तरह के दरà¥à¤¦ को दो शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बांटना सही रहता है:
पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦à¥¤ यह दरà¥à¤¦ हलà¥à¤•ा होता है और आगे की तरफ à¤à¥à¤•ने पर महसूस होता है। इसकी वजह से आप रीढ़ के निचले या लà¥à¤®à¥à¤¬à¤¾à¤° हिसà¥à¤¸à¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिला-डà¥à¤²à¤¾ नहीं पाती। पीठकी कà¥à¤› मांसपेशियों में à¤à¥€ दबाठजाने पर दरà¥à¤¦ महसूस होगा।
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ करधनी दरà¥à¤¦ (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• गरà¥à¤¡à¤² पेन - पीजीपी)। यह शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शिथिल असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों और जोड़ों की वजह से होता है। आपको शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के पीछे की तरफ दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है, जहां आपके कूलà¥à¤¹à¥‡ की हडà¥à¤¡à¥€ और रीढ़ की निचली हडà¥à¤¡à¥€ के बीज जोड़ होता है। इस जोड़ को सैकà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤²à¤¿à¤à¤• जोड़ कहा जाता है। यह दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ तीकà¥à¤·à¥à¤£, मंद या जलन जैसा महसूस हो सकता है जो आता-जाता रहता है। पीजीपी आपकी जांघों में पीछे की तरफ à¤à¥€ फैल सकता है। यदि आपको आगे की तरफ पà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤¤à¤®à¥à¤¬ असà¥à¤¥à¤¿ (पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन) में या इसके आसपास दरà¥à¤¦ महसूस हो तो यह सिमà¥à¤«à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ पà¥à¤¯à¥‚बिस डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ (à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤¡à¥€) हो सकता है। यह पीजीपी का ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है।
यदि आपको लगे कि आपको शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ करधनी दरà¥à¤¦ है या आपको पीठदरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ के पास जाने की सलाह दे सकती हैं। फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ पता लगाà¤à¤‚गी कि आपको पीठदरà¥à¤¦ है या पीजीपी है या फिर दोनों ही हैं। इसके आधार पर ही वे अपनी थैरेपी तय करेंगी और आपके मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली à¤à¤¸à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ बताà¤à¤‚गी, जो आप घर पर कर सकती हैं। पीठदरà¥à¤¦ की वजह से रोजमरà¥à¤°à¤¾ की निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित गतिविधियां मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती हैं:
बैठी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ से उठना
बिसà¥à¤¤à¤° में करवट बदलना
कपड़े पहनना या उतारना
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक वॉक करना
कम वजन उठाना और लेकर चलना
आप पाà¤à¤‚गी कि पीठदरà¥à¤¦ अकà¥à¤¸à¤° दिन के खतà¥à¤® होते-होते और अधिक तेज हो जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण à¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ बढ़ता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दिन गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ के साथ-साथ आपकी मांसपेशियां थक जाती हैं और आपके शरीर व गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके वजन की वजह से असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों में हलà¥à¤•ा खिंचाव होने लगता है।
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